Post Office Scheme : रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी चिंता होती है नियमित आय की। अगर आप भी इस चिंता से जूझ रहे हैं, तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इस योजना के ज़रिए वरिष्ठ नागरिक हर साल ₹2,46,000 तक की आय प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही इस स्कीम में कई अन्य फायदे भी मिलते हैं। आइए, इस योजना से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से जानते हैं।
Post Office Scheme : कमाई के लिए क्या करना होगा?
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है। इस योजना के तहत आपको एक निश्चित राशि निवेश करनी होती है और उसी पर मिलने वाले ब्याज से आपकी कमाई होती है।
- निवेश की अवधि: 5 साल
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चाहें तो इसे आगे 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है
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पोस्ट ऑफिस स्कीम के तीन बड़े फायदे
इस योजना में निवेश करने से आपको तीन प्रमुख लाभ मिलते हैं:
- उच्च ब्याज दर – जिससे आपको अच्छी और नियमित आय मिलती है।
- पूंजी की पूरी सुरक्षा – मैच्योरिटी पर आपकी जमा राशि सुरक्षित रूप से वापस मिलती है।
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टैक्स में छूट – निवेश पर आयकर में लाभ मिलता है।
SCSS में कितनी राशि निवेश कर सकते हैं?
- न्यूनतम निवेश: ₹1,000
- अधिकतम निवेश: ₹30,00,000
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वर्तमान ब्याज दर: 8.2% प्रति वर्ष
Post Office Scheme : हर साल ₹2,46,000 कैसे कमाएं?
अक्सर रिटायरमेंट के समय लोगों को एकमुश्त राशि मिलती है। अगर आप इस पूरी राशि को सही जगह निवेश करें, तो अच्छी कमाई संभव है।
अगर आप ₹30,00,000 SCSS में 8.2% ब्याज दर पर 5 साल के लिए निवेश करते हैं, तो:
- 5 साल में कुल ब्याज : ₹12,30,000
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सालाना आय : ₹12,30,000 ÷ 5 = ₹2,46,000 प्रति वर्ष
इस तरह आप हर साल ₹2,46,000 की कमाई कर सकते हैं।
ब्याज का भुगतान कैसे होता है?
SCSS में ब्याज का भुगतान तिमाही (Quarterly) आधार पर किया जाता है।
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₹30,00,000 निवेश पर
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हर तिमाही ब्याज: ₹61,500
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मासिक औसत आय: लगभग ₹20,500
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यह राशि सीधे आपके खाते में जमा कर दी जाती है।
टैक्स से जुड़े फायदे
- SCSS में किया गया निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट के लिए योग्य होता है।
- हालांकि, इस योजना से मिलने वाला ब्याज टैक्स योग्य होता है।
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यदि आपकी कुल आय तय सीमा से अधिक है, तो TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) भी कट सकता है।
योजना को कितनी बार बढ़ाया जा सकता है?
अगर आप मैच्योरिटी के बाद भी इस योजना को जारी रखना चाहते हैं, तो इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
- योजना को 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है
- आप इसे हर 3 साल के ब्लॉक में कई बार एक्सटेंड कर सकते हैं
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इसके लिए आपको मैच्योरिटी की तारीख से 1 साल के भीतर पोस्ट ऑफिस में निर्धारित फॉर्म जमा करना होगा
एक्सटेंशन पर मिलने वाली ब्याज दर वही होगी, जो मैच्योरिटी या एक्सटेंशन की तारीख पर लागू होगी।